Personal Loan
Central Bank Logo

व्यवसाय

निम्‍नलिखित प्रतीक शताब्दि वर्ष के विशिष्‍ट अवसर का स्‍मरण कराता है, जिसे वर्ष भर, बैंक के सभी संदेश व्‍यवहारों में प्रमुख प्रतीक के साथ प्रयुक्‍त किया गया:

thumbnail

बैंक के प्रतीक की अवधारणा एवं निहितार्थ

सेन्‍ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंकिंग कारोबार के अपने सतत परिवर्तनशील स्‍वरूप के समान, वर्ष 1982 में अपने प्रतीक, लोगो एवं बेसलाईन में परिवर्तन किया था, ताकि अपने उद्देश्‍य को और अधिक मुखर एवं बेहतर रूप से प्रदर्शित करते हुए अपने आदर्श-वाक्‍य को एक नया सारगर्भित अर्थ प्रदान किया जा सके. प्रतीक का वर्तमान स्‍वरूप, उसकी अवधारणा तथा निहितार्थ इस प्रकार है:

career1_hindi

देश का आम नागरिक बचत करता है, जिसे संग्रहित कर उद्योगों के विकास हेतु संवितरित किया जाता है. उद्योग, राष्‍ट्र की समृद्धि में अपना योगदान देते हैं और बदले में राष्‍ट्र, अपने नागरिकों के लिए कल्‍याणकारी साधन उपलब्‍ध कराता है.

बैंक प्रतीक के चार वर्ग, चार केन्‍द्र बिन्‍दुओं, अर्थात् व्‍यक्ति, वित्‍त, उद्योग एवं राष्‍ट्र के बीच परस्‍पर सामंजस्‍यपूर्ण अन्‍तर्सम्‍बंधों को प्रकट करते हैं, और इस परिप्रेक्ष्‍य में बैंक, अपने द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही सेवाओं, वित्‍त तथा देश की अर्थव्‍यवस्‍था में अपनी भूमिका पर ध्‍यान केन्द्रित करता है. इन वर्गों को जोड़ने वाली रेखाएं, बैंक के उक्‍त केन्‍द्र बिंदुओं में दो तरफा प्रभावी परस्‍पर संबंधों को उजागर करती हैं. इसके साथ ही, इस प्रतीक में 'व्‍यक्ति' एवं 'उद्योग' तथा 'राष्‍ट्र' एवं 'वित्‍त' संबंधी केन्‍द्र बिन्‍दुओं की क्रमशः शीर्ष, आधार तथा दोनों ओर आस-पास की स्थिति, इनमें वांछित संतुलन साधने में बैंक की भूमिका को प्रदर्शित करती है.

(c) 2016 Central Bank of India. All rights reserved
आपकी आगंतुक संख्या हैं : 220477