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सुकन्या समृद्धि खाता

सुकन्या समृद्धि खाता : सुविधा हमारी प्राधिकृत शाखाओं पर उपलब्ध है

सुकन्या समृद्धि खातों का शुभारम्भ भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना सं. जी.एस.आर.863 (ई) दिनांक 02 दिसम्बर, 2014 को किया गया था और भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने पत्र सं. आरबीआई/2014-15/494/आईडीएमडी (डीजीबीए). सीडीडी/सं.4052/15.02.006/2014-15 दिनांक 11 मार्च 20165 द्वारा सभी बैंकों को परिचालित किया है. इस योजना के अंतर्गत खाते खोलने की सुविधा अब हमारे 760 प्राधिकृत शाखाओं में उपलब्ध है.

  • उद्देश्य : कन्या शिशु कल्याण को प्रोत्साहन देने हेतु

  • खाता कौन खोल सकता है : कन्या शिशु की ओर से नैसर्गिक/वैध संरक्षक.

  • खातों की अधिकतम संख्या : दो कन्या शिशु अथवा दूसरे बच्चे के पैदाइश के समय जुड़वा कन्या शिशुओं के मामले में अथवा पहली पैदाइश में तीन कन्या शिशुओं के जन्म के मामले में.

  • न्यूनतम एवं अधिकतम जमा राशि : रु. 100 के गुणक के साथ न्यूनतम रु. 1000 की प्रारम्भिक जमा तत्पश्चात एक वित्तीय वर्ष में रु. 150000 की वार्षिक सीमा.

  • जमा अवधि : खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष तक

  • अधिकतम अवधि तक जिसमें जमा स्वीकार की जाएगी : खाता खोलने की तिथि से 15 वर्ष तक

  • जमा पर ब्याज : ब्याज की उच्चतम दर @8.1%, वार्षिक रूप से चक्रवृद्धि ब्याज दिनांक 01.01.2018 से प्रभावी . (भारत सरकार से प्राप्त अधिसूचना के अनुसार परिवर्तनीय)

  • ब्याज छूट : आयकर अधिनियम, 1961 के सेक्शन 80 सी के अंतर्गत लागू. नवीनतम वित्तीय बिल में, योजना में त्रिस्तरीय छूट प्राप्त लाभ बढ़ाए गए है अर्थात इसमें निवेशित राशि, अर्जित ब्याज राशि और आहरित राशि पर कोई कर देय नहीं होगा.

  • जमा प्रकार : नकद/चेक/अंतरण/ इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन अंतरण.

  • अनियमित भुगतान/खाते का पुनर्ज्जीवन : प्रतिवर्ष न्यूनतम निर्दिष्ट राशि सहित प्रति वर्ष रु. 50 के दंड भुगतान द्वारा.

  • समय पूर्व खाता बंद करना : जमाकर्ता की मृत्यु के समय अथवा अत्यंत संवेदनशील पृष्ठभूमि के मामले में जैसे कि जान जोखिम वाली बीमारी में मेडिकल सपोर्ट के रूप में केंद्र सरकार द्वारा प्राधिकृत एक आदेश के द्वारा अनुमत किया जा सकता है.

  • निकासी : पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में रखी गई जमा राशि का 50% उच्च शिक्षा एवं 18 वर्ष की आयु होने के पश्चात विवाह के उद्देश्य हेतु निकासी की जा सकती है.

  • खाते का अंतरण : खाते को भारत में कहीं भी एक बैंक/पोस्ट ऑफिस से दूसरे बैंक/पोस्ट ऑफिस पर अंतरित किया जा सकता है.

  • नोट : जैसा कि यह भारत सरकार की योजना है, अतएव ग्राहकों को सलाह है कि वे www.nsiindia.gov.in पर योजना में नवीनतम अनुदेशों/संशोधनों को देंखे.

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