CentralBank of India-Rural Agri Banking
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संयुक्त देयता समूहों के वित्तपोषण हेतु ऋण योजना

उद्देश्य संयुक्त देयता समूहों के किसानों को खेती-पूर्व, खेती-पश्च, ऋण आवश्यकताओं एवं कृषि उत्पादों के बन्धक के विरूद्ब वित्तपोषण की पूर्ति हेतु.
पात्रता लघु एवं सीमांत कृषकों, काश्तकारों, अलिखित काश्तकारों, बटाईदारों, तथा कृषि गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों के संयुक्त देयता समूह.
ऋण सुविधा की प्रकृति उद्देश्य के आधार पर सावधि ऋण/नकद साख/मांग ऋण,
ऋण सीमा संयुक्त देयता समूहों के प्रत्येक सदस्य के पास उपलब्ध कृषि योग्य क्षेत्र तथा की जाने वाली गतिविधियों पर आधारित. अधिकतम रू. 1.00 लाख प्रति सदस्य एवं रू. 5.00 लाख प्रति समूह.
मार्जिन रू. 50,000/- तक के ऋण हेतु : कोई नहीं
रू. 50,000/- से अधिक के ऋणों के लिए : 10%
प्रतिभूति प्राथमिक- फसलों तथा बैंक ऋण से सृजित आस्तियों का दृष्टिबन्धक.
संपार्श्विक- - रू. 1.00 लाख तक के ऋण के लिए कोई संपार्श्विक नहीं. - रू. 1.00 लाख से अधिक के ऋण के लिए, कृषि भूमि पर ऋण प्रभार.
ब्याज दर
  • रू. 50,000/- तक ऋण सीमा
  • रू. 50,000/- से अधिक एवं रू. 5.00 लाख तक की ऋण सीमा के लिए
  • आधार दर + 0.50%
  • आधार दर + 1.00%
प्रसंस्करण शुल्क
  • उत्पादन ऋण के लिए: कोई नहीं
  • उत्पादन ऋण से अन्य के लिए : @ रू.120/- प्रति लाख (0.12%) या   उसका भाग अधिकतम रू. 20,000/-
दस्तावेजीकरण प्रभार कोई नहीं
पुनर्भुगतान फसल की अवधि एवं बिक्री प्राप्तियों की वसूली के आधार पर.

विस्तृत विवरण के लिए, कृपया हमारी नजदीकी शाखा से संपर्क करें.

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