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अनिवासी बैंकिंग

अनिवासी बैंकिंग:

  • अनिवासी एवं भारतीय मूल के व्यक्ति अपनी मातृभूमि भारत में निवेश कर सकते हैं तथा आकर्षक ब्याज कमा सकते हैं.
  • अनिवासी/भारतीय मूल के व्यक्ति तीन प्रकार के खाते खोल सकते हैं अनिवासी सामान्य खाता, अनिवासी बाह्य एवं एफसीएनआर-बी.
  • अनिवासी सामान्य (एनआरओ) एवं अनिवासी बाह्य (एनआरआई) खाते भारतीय मुद्रा में खोले जा सकते है जो बचत खाता, चालू खाता या सावधि जमा खाते के अंतर्गत खोल जा सकते हैं.
  • एफसीएनआर बी केवल सावधि खाते के रूप में खोले जा सकते हैं ये जमा खाते में न्यूनतम 1 वर्ष एवं अधिकतम 5 वर्षों के लिए विदेशी मुद्रा में होते हैं तथा इनमें ब्याज लिब्योर होता हैं. सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया यूएस डॉलर, जीबीपी पौंड, यूरो, ऑस्ट्रेलियन डॉलर तथा कैनेडियन डॉलर में एफसीएनआर बी जमाएं स्वीकार करता है.
  • आप संयुक्त खाता भी रख सकते हैं. संयुक्त खाता धारक, अनिवासी अथवा निवासी भारतीय हो सकता है जो आपका निकट संबंधी हो एवं यह खाता पूर्ववर्त्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी व्यक्ति के आधार पर मुख्तारनामा (पीओए) धारक संयुक्त खाता के रूप में परिचालित कर सकता है.
  • आपके खाते में नामिती अनिवासी या निवासी भारतीय हो सकते हैं.
  • आपके अनिवासी बाह्य(एनआरई)/एफसीएनआर (बी) खातों की जमा शेष राशि मुक्त रूप से प्रत्यावर्तनीय है. प्रत्यावर्तन आपकी पसन्द की मुद्रा में हो सकता है.
  • अनिवासी बाह्य (एनआरई) एवं एफसीएनआर (बी) जमाओं पर अर्जित ब्याज पर धन कर या आय कर लागू नहीं है.
  • सावधि जमाओं के विरूद्ब स्वयं के अलावा तृतीय पक्ष को भी वो चाहे अनिवासी भारतीय हो या निवासी भारतीय रूपये में ऋण प्रदान किया जाता है. भारत से बाहर उपयोग के लिए विदेशी मुद्रा में भी खाताधारकों तथा तृतीय पक्ष को ऋण प्रदान किया जाता है.
  • जमाओं का समय-पूर्व आहरण दंडात्मक ब्याज के साथ अनुमत है.
  • जिन जमाओं के विरूद्ब ऋण लिया है उनका समय-पूर्व आहरण नहीं किया जा सकता है.
  • इन खातों में विदेश से प्राप्त धनप्रेषण अथवा उनके भारत आने पर विदेशी मुद्रा अथवा यात्री चेकों के माध्यम से जमा प्रविष्टि भी जा सकती है.
  • अनिवासी सामान्य खाते घरेलू खातों के ही समान हैं. नेपाल या भूटान के अनिवासी भारतीय अनिवासी सामान्य खाता नहीं खोल सकते हैं तथा पाकिस्तान के अनिवासी भारतीय को खाता खोलने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक से विशेष अनुमति लेना आवश्यक है. चालू आय, अधिग्रहीत अथवा विरासत में प्राप्त आस्तियों की विक्रय आगम तथा खातों में शेष राशि का प्रत्यावर्तन अनुमत है. वैकल्पिक तौर पर ये राशियां अनिवासी बाह्य खाता में भी अंतरित की जा सकती है. एक वित्तीय वर्ष में प्रत्यावर्तन के लिए कुल राशि तथा अनिवासी बाह्य खातों में अंतरित किए जाने की कुल सीमा यूएसडी 1 मिलियन है. प्रति प्रत्यावर्तन या अंतरण के लिए फॉर्म 15 सी ए एवं 15 सीबी जमा करना अनिवार्य है. इस पर कर 30%+शिक्षा कर+उच्च शिक्षा कर लागू होगा अन्यथा एनआरई देश के डीटीएए के अनुसार कर प्रभारित होगा. अनिवासी सामान्य सावधि जमा के विरूद्ब रूपये ऋण
  • ज्यादातर घरेलू सावधि जमा योजनाएं जैसे एमएमडीसी, एमआईडीआर, क्यूआईडीआर एवं आरडीएस भी अनिवासी भारतीयों के लिए उपलब्ध हैं.
  • अन्य सुविधाएं जैसे इंटरनेट बैंकिंग, मुफ्त एसएमएस अलर्ट, ई-मेल द्वारा खाते की विवरणी, डेबिट/एटीएम कार्ड (भारत में वैध), सेफ डिपॉजिट लॉकर भी उपलब्ध हैं.
  • आवास/यात्रा/स्वास्थ्य/व्यक्तिगत दुर्घटना कवर के लिए बीमा भी दिया जाएगा.
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