Central Bank of India
Central Bank Logo

नागरिक अधिकार पत्र


सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुएं

शेयर, प्रतिभूतियां, आदि जैसी वस्तुएं निर्धारित प्रभारों पर बैंक की सुरक्षित अभिरक्षा में रखी जा सकती हैं. बड़े/छोटे बक्सों में ग्राहक (ग्राहकों) द्वारा ताला लगाया जाना चाहिए और उस पर विवरण लिखे/अंकित किए जाने चाहिए. ताला मजबूत कपड़ों से ढका होना चाहिए तथा वह ग्राहक की मुहर (सील) से सीलबंद होना चाहिए. ग्राहक और बैंकर का संबंध अमानत रखने वाले और अमानतदार का होना चाहिए.
नकदी आदेश (अर्थात्:भुगतान आदेश, बैंकर्स चेक)

नकदी आदेश स्थानीय रुप से भुगतान करने के लिए जारी किया जाता है-
50,000/- रुपये या उससे अधिक का नकदी आदेश जारी करना/ की अदायगी बैंक खाते के माध्यम से ही की जाएगी नकदी आदेश की वैधता अवधि 6 माह है- खरीददार के लिखित अनुरोध पर जारीकर्ता शाखा द्वारा इसका पुनर्वैधीकरण कराया जा सकता है-
सरकारी बकायें की वसूली

बैंक चुनी हुई नामित शाखाओं के जरिए भारत सरकार की ओर से विभिन्न करों की वसूली भी करता है-
वसूली सेवा

संतोषजनक खाते रखने वाले व्यक्तियों को स्थानीय तथा बाहरी केन्द्रों के 7500/- रुपये तक (समय-समय पर भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार) के चेकों की तत्काल जमा दी जाती है- लेकिन, सामान्य सेवा प्रभार तथा डाक प्रभार ग्राहक को ही वहन करना होगा- यदि चेक बिना भुगतान के वापस हो जाते हैं तो जितनी अवधि के लिए निधि का इस्तेमाल किया गया है उसका ब्याज ग्राहक अदा करेगा-

ग्राहक द्वारा जमा किए गए सभी चेक (स्थानीय तथा बाहरी) बैंक द्वारा निम्नलिखित अनुसार समाशोधित किए जाते हैं-

अधिक मूल्य के समाशोधन यह सुविधा नामित केन्द्रों पर चुनी हुई शाखाओं के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है- अधिक मूल्य के चेक (प्रति लिखत 1 लाख रुपये से कम नही) उसी दिन समाशोधित किए जाते हैं-

स्थानीय समाशोधन : चेक,सामान्यतया, चेकों /लिखतों के समय पर जमा कराने के अधीन केन्द्र के आधार पर, तीसरे कार्य-दिवस को समाशोधित होते हैं-

राष्ट्रीय समाशोधन राष्ट्रीय समाशोधन में सूचीबद्ध महानगरीय केन्द्रों पर आहरित चेक 8 दिनों में समाशोधित होते हैं-

अन्य केन्द्रों पर आहरित सभी चेक 14 दिनों में समाशोधित होते हैं-

किसी बाहरी चेक की आय बैंक द्वारा निम्नलिखित समय मानदण्डों में जमा की जाएगी-

  • राज्यों की राजधानियों में, उत्तर पूर्वी राज्यों तथा सिक्किम को छोड़कर - 10 कार्य दिवस
  • अन्य केन्द्रों में - 14 कार्य दिवस
हम निम्नलिखित सेवाएं भी प्रदान करते हैं-
  1. मूल्य पर लिखतों (चेकों) की शीघ्र वसूली हेतु
  2. सेन्ट्रल शीघ्र चेक वसूली सेवा (7 दिनों के अंदर)
  3. सेन्ट-एक्सप्रेस सेवा (4 दिनों के अंदर)
यदि बैंक ऐसा करने में असफल रहता है तो ऊपर उल्लिखित निर्धारित दिनों से अधिक विलंब होने वाली अवधि के लिए मीयादी अवधि की उपयुक्त अवधि हेतु लागू दर पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा- इसके अलावा, यदि यह विलंब असामान्य है तो मीयादी जमा पर लागू ब्याज दर से 2% अधिक दर पर ब्याज का भुगतान किया जाएगा- ग्राहकों से अनुरोध हैं कि वे अपने चेक शाखा में निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही जमा करें-
चालू खाता
  • चालू खाते व्यक्तियों, भागीदार फर्मों, निजी एवं पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों, हिंदू अविभक्त परिवारों/विनिर्दिष्ट संस्थाओं (एसोसिएट्स) सोसाइटियों, न्यासों आदि द्वारा खोले जा सकते हैं.
  • कानून की अपेक्षानुसार इस प्रकार का खाता खोलते समय, प्रत्याशित ग्राहक /कों, आम जनता तथा स्वयं को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग उद्योग के अन्य दुरुपयोग से बचाने में मदद करने के लिये खाता खोलने के इच्‍छुक व्यक्ति/यों की पहचान और पते के सत्यापन सहित, हम स्वयं को संतुष्ट करेंगे.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशानुसार, बैंक को खाता खोलने एवं चलाने वाले व्यक्ति/यों का/के दो नवीनतम फोटोग्राफ प्राप्त करना अपेक्षित है.
  • बैंक को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों (अर्थात पंजीकृत भागिदारी तथा पंजीकृत निगमित निकायों / कम्पनियों के भी भागीदारों सहित) से स्थायी खाता संख्या (पैन) या विकल्‍पत: आयकर अधिनियम (देखें धारा 139 ए) के अनुसार फॉर्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त करना आवश्यक है.
  • बैंक प्रत्याशित ग्राहकों को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों की पहचान हेतु, संतोषजनक साक्ष्‍य संबंधी, अपेक्षित दस्‍तावेजों का विवरण उपलब्ध करायेगा.
  • समय-समय पर निर्धारित न्यूनतम शेष बनाये रखना आवश्यक होगा.
  • चालू खाते में रखे जमा शेष पर ब्याज नहीं दिया जाता है.
  • निम्नलिखित के लिये सेवा-प्रभार लगाये जाते हैं.
  • प्रयुक्त खाता बही पन्नों के लिये,
  • जारी की गयी चेकबुकों के लिये,
  • न्यूनतम शेष न रखने के लिये.
  • चेकों के वापस आने, आदि के लिये
  • निष्पादकों, प्रशासकों, न्यासियों, परिसमापकों आदि जैसे विशेष प्रकार के चालू खाते खोलने के लिये शाखा प्रबंधक से सम्पर्क किया जाना चाहिये जो इस प्रकार के खाते खोलने में सहायता करेगा.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशानुसार आवेदक (अर्थात खाता खोलने वाला) को खाता खोलने के फॉर्म पर या अलग से यह घोषित करना चाहिये कि वह किसी बैंक से किसी ऋण सुविधा का उपयोग नहीं कर रहा है यदि वह इन सुविधाओं का लाभ से ले रहा है तो उस बैंक तथा शाखा का नाम सूचित करते हुए पूरा विवरण घोषित करें. जहां से ऐसी सुविधाएं ली जा रही हैं.
ई भुगतान सुविधा
  • डीजीएफटी ऑनलाइन ई-पेमेंट
  • केन्द्रीय उत्पाद एवं सेवा कर भुगतान
  • प्रत्यक्ष करों का संगहण
सरकारी क्षेत्रा के बैंकों में गंदे/थोड़े कटे करेंसी नोटों की अदला-बदली

बैंक की सभी शाखाएं सभी मूल्य वर्गों के गंदे/थोड़े कटे-फटे करेंसी नोटों तथा कतिपय अन्य प्रकार के कट-फटे करेंसी नोटों की अदला-बदली स्वेच्छा से करेंगी- बैंक की करेंसी चेस्ट शाखाएं सभी प्रकार के कटे-फटे करेंसी नोटों की अदला बदली करेंगी- करेंसी की अदला-बदली की सुविधा बैंक ग्राहकों तथा अन्य को दी जाती है- बैंक इस संबंध में, भारिबैं के दिशानिर्देश का पालन करते हैं- भारिबैं ने बैंको को ऐसे कटे-फटे करेंसी नोटों की अदला-बदली हेतु अनुमति दी है जो असली हैं तथा जिनके कटे-फटे होने से कोई संदेह या धोखाघड़ी प्रकट नहीं होती है-
जमाराशियों पर ब्याज
  • बैंक विभिन्न जमा योजनाओं के अनुसार, जमाराशियों पर ब्याज का भुगतान करता है
  • ब्याज दरें समय-समय पर संशोधित की जाती हैं तथा उनके संबंध में जनता को जानकारी दी जाती है.
  • संशोधित दरें नवीकरणों तथा नई जमाराशियों पर ही लागू हैं जब कि मौजूदा जमा पर करारगत दर पर ही ब्याज मिलता रहेगा.
  • गैर-अदायगी सूचना की प्राप्ति के बिना डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करना

    भारिबैं के निदेशानुसार बैंक, 5,000/- रुपये तक का डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट पर्याप्त क्षतिपूख्रत के आधार पर तथा अदाकर्ता शाखा से गैर - अदायगी सूचना प्राप्त किए बिना जारी करेंगे-
    नामांकन नामांकन सुविधा सभी जमा खातों, सुरक्षित अभिरक्षा की वस्तुओं तथा सुरक्षित जमा लॉकरों के लिए उपलब्ध है-

    नामांकन व्यक्तिगत हैसियत में खोले गए खातों (अर्थात्‌ एकल/संयुक्त खातों तथा एकल स्वामित्व प्रतिष्ठानों के खातों) के लिए ही उपलब्ध है- अर्थात्‌ प्रतिनिधि हैसियत में खोले गए खातों के लिए नहीं-

    नामांकन केवल एक व्यक्ति के पक्ष में किया जा सकता है- लेकिन, आम सहमति से, संयुक्त रुप से परिचालित लॉकर खातों में एक से अधिक व्यक्ति (अर्थात्‌ 2 व्यक्तियों तक) के पक्ष में अनुमत है-

    खाता धारक के जीवन-काल में किसी भी समय उसके द्वारा नामांकन किया जा सकता है- रद्द किया जा सकता है तथा उसमें परिवर्तन किया जा सकता है- नामांकन करते समय, रद्द या परिवर्तन करते समय, साक्षी होना आवश्यक है तथा अनुरोध पत्रा पर सभी खाताधारकों के हस्ताक्षर होने चाहिए-

    नामांकन अवयस्क के पक्ष में भी किया जा सकता है-

    जिन वर्तमान खातों में नामांकन नहीं किया गया है, उनमें खाताधारक शाखाओं में उपलब्ध फॉर्म भरकर ऐसा कर सकते हैं-

    यदि ग्राहकों (नए तथा पुराने) ने नामांकन सुविधा का लाभ नहीं उठाया है तो उन्हें सलाह दी जाती है कि वे इसका लाभ उठाएं-
    उत्तरजीवियों/दावेदारों को मृत जमाकर्ताओं के खातों की शेष राशि का भुगतान

    •भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशानुसार, यदि खातेदार के वारिसों में कोई विवाद न हो तो बैंक, खाते में जमा राशि का भुगतान करते समय उस राशि पर विचार किये बिना, विधिक उत्तराधिकारियों से उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए जोर नहीं देगा, लेकिन बैंक, ऐसे दावों का निपटान करते समय क्षतिपूर्ति बॉन्ड स्वीकार करने सहित समुचित सुरक्षा उपाय अपना सकता हैं.
    पेंशन भुगतान

    केन्द्र और राज्य सरकारों के पेंशनभोगी हमारी किसी भी शाखा में अलग पेंशन खाता खोल सकते हैं-

    पेंशनभोगियों से अपेक्षा है कि वे वर्ष में एक बार (अर्थात्‌ नवम्बर महीने में) जीवित होने का प्रमाणपत्रा प्रस्तुत करें ताकि शाखाएं बिना किसी व्यवधान/विलंब के पेंशन का भुगतान कर सकें-

    शाखा द्वारा पेंशन महीने के अंतिम चार कार्य दिवसों के दौरान पेंशनभोगी के बचत या चालू खाते में जमा की जाएगी- मार्च महीने की पेंशन अप्रैल के पहले कार्य दिवस को या उसके पश्चात्‌ जमा की जाएगी- पेंशन का भुगतान नकदी या संयुक्त खाते के जरिए नहीं किया जाएगा- पेंशनभोगी से अपेक्षा है कि वह आवाधिक रुप से जीवित होने/विवाह/पुनख्रववाह/ बेरोजगार प्रमाणपत्रा प्रस्तुत करें-
    प्रस्तावना

    बैंक समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करता है - आख्रथक सुधार शुरु किए जाने के बाद से विनियंत्राण एवं भारतीय रिजर्व बैंक तथा भारत सरकार के दिशानिर्देर्शों में कई तरह की छूट दी गई है- साथ ही, बैंकों के बीच स्पर्धा के कारण बैंकों द्वारा दी जा रही सेवाओं पर सबका ध्यान केन्द्रित है तथा सेवा एवं उसके उत्पाद में नवीकरण की जरुरत महसूस की जाने लगी- जबकि बैंक अपने आप इस परिवर्तनों को अपना रहे हैं - फिर भी, ग्राहक ही उनके व्यवसाय के केन्द्रबिन्दु में बना रहा है -

    उक्त पृष्ठभूमि में ही हमने महसूस किया कि नागरिक अधिकारों में इस उद्देश्य से संशोधन किया जाए कि ग्राहक बैंक के साथ कारोबार करते समय अपने अधिकारों एवं दायित्वों के साथ-साथ बैंक द्वारा उनको उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं एवं उत्पादों से परिचित हो सकें -

    बैंक इस नागरिक अधिकार से संबंधित पुस्तिका के प्रकाशन में वित्त मंत्राालय, भारत सरकार एवं प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत मंत्राालय द्वारा दी गई प्रेरिणा के प्रति भी आभार व्यक्त करता है - हम भारतीय बैंक संघ के प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस अधिकार-पत्रा में संशोधन के समय इसे व्यापक रुप देने में न्यूनतम बिन्दुओं पर सहमति बनाने में अपना सहयोग दिया-

    हमारा यह प्रयास है कि हम सेमीनारों, ग्राहक सम्मेलनों आदि के माध्यम से लगातार ग्राहकों के सम्पर्क में रहें जिससे कि ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं का मूल्यांकन, उसमें सुधार एवं जब भी जरुरत हो तो उसमें विस्तार किया जा सके- फिर भी, हम ग्राहकों से निवेदन करते हैं कि वे हमारे बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं के संबंध में अपने अनुभवों से हमें अवगत कराते रहें-

    इस अधिकार पत्रा में सुधार हेतु आपके सुझावों एवं टिप्पणियों का सदैव स्वागत है -
    अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
    सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया

    नागरिक अधिकार नोट
    • इस पुस्तिका में सूचनाएं 01-01-2001 की दी गई है, जो कि परिवर्तन/परिशोधन के अधीन हैं-
    • यह पुस्तिका अधिकार एवं दायित्व उत्पन्न करने वाला विधिक दस्तावेज नहीं समझा जाना चाहिए- यह ग्राहक एवं बैंकर के बीच अच्छी समझ बढ़ाने के लिए है -
    • इस पुस्तिका में विभिन्न सेवाओं/सुविधाओं पर केवल प्रमुख सूचनाएं दी गई हैं- शाखा से अनुरोध करने पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है -
    अधिक जानकारी/सूचना के लिए हमारे शाखा कार्यालय अथवा केन्द्रीय कार्यालय से सम्पर्क करें अथवा लिखें- अथवा हमारी वेबसाइट पर लॉग ऑन करें-

    हमारी शाखाओं द्वारा अपनायी जाने वाली सामान्य कार्यप्रणाली
    • कार्य समय प्रदख्रशत करना-
    • सौजन्यपूर्ण सेवाएं प्रदान करना-
    • कार्य समय की समाप्ति पर बैंक कार्यालय में मौजूद सभी ग्राहकों पर ध्यान देना-
    • बड़ी शाखाओं में ”पूछताछ” या ”क्या मैं आपकी मदद कर सकता हूँ” काउंटर अलग से उपलब्ध करवाना-
    • सभी जमा खातों (अर्थात्‌ व्यक्तिगत हैसियत में खोला गया खाता) तथा सभी सुरक्षित जमा लाकरधारकों (अर्थात व्यक्तिगत लाकरधारकों) को नामांकन सुविधा प्रदान करना-
    • समय-समय पर विभिन्न जमा योजनाओं की ब्याज दरें प्रदख्रशत करना-
    • अग्रिमों पर ब्याज दरों में परिवर्तन अधिसूचित करना-
    • बैंक की विभिन्न जमा, ऋण एवं अग्रिम योजनाओं/सेवाओं का ब्यौरा उपलब्ध कराना-
    • मांग ड्राफ्ट, भुगतान आदेश आदि जारी करना -
    • विभिन्न बैंकिंग लेन-देन हेतु समय-मान प्रदख्रशत करना-
    • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर सूचित किए गए अनुसार, कतिपय शर्तों के अधीन निर्धारित सीमा तक बाहरी तथा स्थानीय चेकों के मामले में तत्काल जमा देना-
    • शाखा परिसर में शिकायत/सुझाव पेटी उपलब्ध कराना-
    • क्षेत्राीय/आंचलिक और केन्द्रीय कार्यालयों तथा ग्राहक शिकायतों पर विचार करने वाले नोडल अधिकरियों के पते प्रदख्रशत करना-
    • हमारे शाखाओं द्वारा गैर नकदी व्यवहारों को कार्यालय समाप्ति के घंटों से एक घंटे पूर्व तक किया जाएगा-
    सुरक्षित जमा लॉकर

    •सुरक्षित जमा लॉकर सुविधा बैंक द्वारा दी जा रही अनुषंगी सेवा है. यह सुविधा देने वाली बैंक की शाखाएं इस संबंध में सूचना निर्दिष्ट/ प्रदर्शित करेंगी-

    इन सेवाओं के परिचालन संबंधी मुख्य पहलू निम्न हैं :
    • लॉकर व्यक्तियों (अवयस्क नही), फर्मों, लिमिटेड कंपनियों, विनिर्दिष्ट संघों तथा सोसाइटियों, आदि द्वारा किराये पर लिए जा सकते हैं.
    • सेफ डिपाजिट लॉकर को वैयक्तिक रुप से किराये पर लेने वाले के लिये नामांकन सुविधा उपलब्ध है.
    • चाबी के खोने की सूचना बैंक को तुरंत दी जाए.
    • लॉकर विभिन्न आकारों में उपलब्ध हैं.
    • लॉकरों को न्यूनतम एक वर्ष की अवधि के लिये किराये पर दिया जाता है. किराया अग्रिम में देय है. अतिदेय किराये की दशा में, बैंक समय-समय पर निर्धारित किये अनुसार दंड प्रभारित करेगा.
    • स्थायी अनुदेश के साथ किराये का भुगतान किरायेदार के जमा खाते से किया जा सकता है.
    • बैंक केवल उचित रुप से परिचय प्रदत्त व्यक्तियों को ही लॉकर किराये पर देगा.
    • नोटिस देने के बावजूद यदि किराये का भुगतान नहीं होता है, तो बैंक नियमों के अनुसार लॉकर को तोड़ने और उसके प्रभारों को वसूल करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.
    • लॉकर को किराये के ज्ञापन में दर्शाये अनुसार किरायेदारों द्वारा छोड़ा जा सकता है.
    सेवा प्रभार

    बैंक ग्राहकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराता है जिसके लिए सेवा प्रभार वसूल किए जाते हैं- प्रभारों की समय-समय पर समीक्षा/संशोधन किया जाता है-

    सेवा प्रभार निधियों की वसूली और विप्रेषण, ऋण प्रस्तावों पर कार्रवाई, गारंटियां जारी करने, सुरक्षित अभिरक्षा, डुप्लिकेट लिखत/विवरण जारी करना- खाता-बही पन्ना प्रभार आदि के लिए वसूल किए जाते हैं- सेवा प्रभार के विवरण अनुरोध पर उपलब्ध कराये जा सकते हैं-

    स्थायी अनुदेश

    •बैंक की एक ही शाखा, किसी दूसरी शाखा या किसी दूसरे बैंक में स्थित एक खाते से दूसरे खाते/खातों में या किसी तीसरे पक्ष को निधियों के अंतरण/प्रेषण के लिए बैंक को स्‍थाई अनुदेश दिए जा सकते हैं.
    मियादी जमा खाते
    • बैंक ने हर प्रकार के निवेश करने वाले लोगों की जरुरतों तथा अपेक्षाओं के अनुकूल विभिन्न जमा योजनाएं बनाई हैं.
    • आपको और अधिक विवरण उपलब्‍ध कराने के लिए शाखा स्टाफ आपकी अपेक्षाओं के अनुरुप विभिन्न जमा योजनाओं में निवेश करने में सहर्ष आपकी सहायता करेगा.
    • मीयादी जमा खाते व्यक्तियों, भागीदार फर्मों, प्राइवेट तथा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों, हिन्दू अविभक्त परिवारों/विनिर्दिष्ट संस्थाओं (एसोसिएट्‌स) आदि द्वारा खोले जा सकते हैं.
    • कानून की अपेक्षानुसार इस प्रकार का खाता खोलते समय, प्रत्याशित ग्राहक /कों, आम जनता तथा स्वयं को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग उद्योग के अन्य दुरुपयोग से बचाने में मदद करने के लिये खाता खोलने के इच्‍छुक व्यक्ति/यों की पहचान और पते के सत्यापन सहित, हम स्वयं को संतुष्ट करेंगे.
    • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशानुसार, बैंक को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों का/के दो नवीनतम फोटोग्राफ प्राप्त करना अपेक्षित है.
    • बैंक को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों (अर्थात पंजीकृत भागीदारी तथा पंजीकृत निगमित निकायों / कम्पनियों के भी भागीदारों सहित) से स्थायी खाता संख्या (पैन) या विकल्‍पत: आयकर अधिनियम (धारा 139 ए) के अनुसार फॉर्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त करना आवश्यक है.
    • बैंक प्रत्याशित ग्राहकों को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों की पहचान हेतु, संतोषजनक साक्ष्‍य संबंधी, अपेक्षित दस्‍तावेजों का विवरण उपलब्ध करायेगा.
    • जब तक अन्यथा निर्दिष्ट न किया जाए- जिस अवधि के लिए जमा रखी गई हैं उस पर लागू ब्याज दर या संविदागत दर, जो भी कम हो, पर समयपूर्व आहरण की अनुमति दी जाती है जो बैंक द्वारा निर्धारित दंड, यदि कोई हो, के अधीन होगी- बैंक में 29 दिनों से कम अवधि के लिए रहने वाली जमा के समयपूर्व आहरण पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा.
    • जमा प्रमाणपत्रों को छोड़कर, सामान्यतया, अन्‍य जमाराशियों के प्रति ऋणों/ओवरड्राफ्टों की अनुमति दी जाती है. ऐसे ऋण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निदेशित या बैंक द्वारा निर्धारित ब्‍याज दरों पर मंजूर किए जाते हैं.
    • जमा का नवीकरण, अनुरोध पर, बैंक द्वारा परिपक्‍वता तिथियों पर किया जाता है. बेहतर ग्राहक सेवा के उपाय स्‍वरूप, परिपक्वता की तारीख के संबंध में बैंक जमाकर्ता को अग्रिम में सूचित कर सकता है.
    • जमा पर ब्याज का भुगतान विशिष्‍ट जमा योजना पर लागू ब्‍याज दर पर जमाकर्ता की इच्‍छानुसार बट्टाकृत मूल्य पर मासिक या तिमाही या संयोजित तिमाही (अर्थात ब्याज का पुनर्निवेश) या परिपक्वता की तारीख पर अदा किए जाने की सुविधा होगी.
    • यदि जमा का नवीनीकरण कराया जाता है तो बैंक द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णयानुसार, अतिदेय जमा पर ब्याज का भुगतान किया जाता है.
    • आयकर प्राधिकारियों द्वारा समय-समय पर निर्दिष्ट सीमा तक बैंक जमा पर प्राप्त ब्याज, आयकर से मुक्त है.
    • वर्तमान में, यदि जमा पर कुल ब्याज, प्रति जमाकर्ता, प्रति शाखा, प्रति वित्तीय वर्ष रु.10,000/-से अधिक है तो वह आयकर प्राधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट दरों पर स्रोत पर कर कटौती के अधीन है.
    • जमाकर्ता कर कटौती के बिना जमाराशि पर ब्याज प्राप्त करने हेतु अधिमानत: वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में ही फॉर्म नं 15 जी / एच में घोषणा प्रस्तुत करें.
    • बैंक काटे गए कर के लिए टीडीएस प्रमाणपत्र जारी करेगा.
    डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करने हेतु निर्धारित समय सीमा

    भारिबैं के निदेशानुसार, बैंक अनुरोध प्राप्त होने के एक पखवाड़े के भीतर ग्राहक को डुप्लिकेट मांग ड्राफ्ट जारी करेंगे- मांग ड्राफ्ट जारी करने में उपयुक्त निर्धारित अवधि से ज्यादा विलंब होने पर, बैंकों द्वारा इस प्रकार के विलंब हेतु ग्राहक की प्रतिपूख्रत के लिए तदनुरुपी परिपक्वता की मियादी जमा के लिए लागू दर पर ब्याज का भुगतान किया जायेगा-
    नकदी भुगतान हेतु
    टेलर के जरिए 5 से 8 मिनट
    खजांची के जरिए 8 से 15 मिनट
    नकदी प्राप्ति 10 से 20 मिनट
    मांग ड्राफ्ट/यात्राी चेक/मीयादी जमा रसीद जारी करना  15 से 25 मिनट
    मांग ड्राफ्टों का भुगतान 10 से 20 मिनट
    मीयादी जमा रसीदों का भुगतान 15 से 20 मिनट
    खाता खोलना 20 से 25 मिनट
    बिलों का भुगतान 20 से 30 मिनट
    पास बुकों का अद्यतन बनाना 5 से 15 मिनट
    लेखा-विवरण देय तिथि से  5 से 7 दिनों के अंदर
    चेकों की वसूली स्थानीय
    स्थानीय 2 से 3 दिन
    बाहरी 10 से 14 दिन

    हमारी शाखाओं द्वारा अपनायी जाने वाली सामान्य कार्य प्रणाली

  • कार्य समय प्रदर्शित करना.
  • शिष्‍टतापूर्ण सेवायें प्रदान करना.
  • कार्य समय की समाप्ति पर बैंक कार्यालय में उपस्थित सभी ग्राहकों के कार्यों पर ध्यान देना.
  • बड़ी शाखाओं में ‘पूछ-ताछ’ या “मैं आपकी क्‍या सहायता कर सकता हूँ” सम्बंधी काउण्टर अलग से उपलब्ध करवाना.
  • सभी जमा खातों को (अर्थात व्यक्तिगत हैसियत में खोला गया खाता) तथा सभी सुरक्षित जमा लॉकरधारकों (अर्थात व्यक्तिगत लॉकर धारकों) को नामांकन सुविधा प्रदान करना.
  • समय समय पर देय विभिन्न जमा योजनाओं की ब्याज दरें प्रदर्शित करना.
  • अग्रिमों पर ब्याज दरों में परिवर्तन को सूचित करना.
  • बैंक की विभिन्न जमा, ऋण और अग्रिम योजनाओं/सेवाओं का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराना.
  • मांग ड्राफ्ट, भुगतान आदेश आदि जारी करना.
  • विभिन्न बैंकिंग लेन-देन हेतु समय-मान प्रदर्शित करना.
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर दिए गये निर्देशों के अनुसार बाहरी चेकों की प्राप्ति विलम्‍ब से जमा करने पर ब्‍याज अदा करना.
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर प्राप्त किये गये सूचना के अनुसार कतिपय शर्तों के अधीन निर्धारित सीमा तक बाहरी तथा स्थानीय चेकों के मामले में तत्काल जमा देना.
  • शाखा परिसर में शिकायत/सुझाव पेटी उपलब्ध कराना.
  • क्षेत्रीय /आंचलिक एवं केंद्रीय कार्यालय तथा ग्राहकों की शिकायतों/सुझावों पर विचार करने वाले नोडल अधिकारियों के पते प्रदर्शित करना.
  • हमारी शाखाओं द्वारा गैर नकदी व्यवहारों को कार्यालय समाप्ति से एक घण्टे पूर्व तक किया जायेगा
  • बचत खाता

  • बचत खाते, व्यक्तियों (वैक्तिक ग्राहक) में बचत की आदत विकसित करने एवं उनके भविष्य की धन संबंधी आवश्यकता को पूरा करने के लिये होते है. इन खातों से राशि चेक/निकासी स्लिप के माध्यम से जमा/निकाले जा सकते हैं. इस खातों के माध्यम से ग्राहकों को घर में कम से कम पैसे रखने में सहायता मिलती हैं. साथ ही ब्याज भी कमा सकते हैं.
  • बचत बैंक खाते बहुत लोकप्रिय हैं. ये खाते पात्र व्यक्ति/यों, संस्था/एजेंसियों (भारतीय रिजर्व बैंक दवारा अनुमोदित) द्वारा खोले जा सकते हैं.
  • कानून की अपेक्षानुसार इस प्रकार का खाता खोलते समय, प्रत्याशित ग्राहक /कों, आम जनता तथा स्वयं को धोखाधड़ी तथा बैंकिंग उद्योग के अन्य दुरुपयोग से बचाने में मदद करने के लिये खाता खोलने के इच्‍छुक व्यक्ति/यों की पहचान और पते के सत्यापन सहित, हम स्वयं को संतुष्ट करेंगे.
  • भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशानुसार, बैंक को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों का/के दो नवीनतम फोटोग्राफ प्राप्त करना अपेक्षित है.
  • बैंक को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों (अर्थात पंजीकृत भागिदारी तथा पंजीकृत निगमित निकायों / कम्पनियों के भी भागीदारों सहित) से स्थायी खाता संख्या (पैन) या विकल्‍पत: आयकर अधिनियम (धारा 139 ए) के अनुसार फॉर्म सं.60 या 61 में घोषणा प्राप्त करना आवश्यक है.
  • बैंक प्रत्याशित ग्राहकों को खाता खोलने वाले व्यक्ति/यों की पहचान हेतु, संतोषजनक परिचय के अतिरिक्त, अपेक्षित प्रलेख का विवरण उपलब्ध करायेगा. सामान्यतया, स्वीकार किये जाने वाले दस्‍तावेजों में मौजूदा गैस/टेलीफोन/बिजली बिल या राशन कार्ड या मतदाता के परिचय पत्र या ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट, आदि है.
  • खाताधारक को बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित न्यूनतम शेष बनाये रखना आवश्यक होगा.
  • खाताधारक/कों के नाम से चेक, लाभांश अधिपत्र ही इन खातों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं. खाताधारक/कों के पक्ष में पृष्‍ठांकित वित्तीय लिखत की बचत खातों के माध्यम से वसूली नहीं की जा सकती है.
  • Deposit Account Opening Form

    Page Under Construction

    (c) 2016 Central Bank of India. All rights reserved
    आपकी आगंतुक संख्या हैं : 220477